jamui, जागरण प्रतिनिधि : बुधवार को मलयपुर स्थित कृत्यानंद मध्य विद्यालय का औचक निरीक्षण करने पहुंचे जिप अध्यक्ष ब्रह्मादेव रावत डीडीसी गिरिजेश श्रीवास्तव को उपलब्ध व्यवस्था पर झेंप जाना पड़ा। हालांकि चेहरे पर नाराजगी के भाव साफ दिख रहे थे। बच्चों की बात छोड़िए जिप अध्यक्ष व डीडीसी को बिठाने के लिए कुर्सी नहीं थी। लिहाजा बेंच पर बैठकर उन्हें शिक्षकों से बातचीत करनी पड़ी। मौके पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (सर्वशिक्षा) राजदेव राम भी मौजूद थे। उन्हें भी विद्यालय के हालात का अंदाजा नहीं था। महज 25 प्रतिशत बच्चे उपस्थित थे जो जमीन पर बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। प्राचार्य शांति निकेतन सिंह के अलावे दो अन्य शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। जिप अध्यक्ष ने जब उपस्थित शिक्षक से संसाधनों के बारे में पूछा तो कई बात उभरकर सामने आई। एक सप्ताह पूर्व 30 हजार रुपए की निकासी हुई। पर चेक बुक नहीं दिखाया गया। शिक्षक ने कुछ बताने पर असमर्थता जताई। विद्यालय की स्थिति पर जिप अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए उपविकास आयुक्त व विभागीय पदाधिकारी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिले के पुराने विद्यालयों में शुमार कृत्यानंद की स्थिति किसी मायने में गुणात्मक शिक्षा परोसने लायक नहीं है। बाद में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने प्राचार्य सहित दो शिक्षकों पर अनुशासनिक कार्रवाई करने की बात कही। पदाधिकारियों ने खर्च का ब्योरा, कैशबुक, चेकबुक उपविकास आयुक्त कार्यालय में उपलब्ध कराने का निर्देश उपस्थित शिक्षक को दिया।
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