जमुई :नगर निकाय चुनाव 2012 की तैयारी प्रारंभ हो गई है। संभवत: अप्रैल-मई में चुनाव होना है। सरकार ने दो से अधिक संतानवालों को चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। दो बच्चों के फार्मूला में जमुई नगर परिषद के चार पार्षद फंस गए हैं। इन चारों का चुनाव मैदान से बाहर होना तय है। इन चारो में सबसे अहम नप अध्यक्ष नुरेशा खातून हैं। इन्हें पांच लड़की एवं दो लड़का है। सबसे छोटे लड़के की उम्र 13 माह है। निर्वाचन आयोग का कानून 4 अप्रैल 2008 से प्रभावी है। इस कानून के तहत चार अप्रैल 2008 के बाद तीसरी संतान वाले पुरुष या महिला चुनाव लड़ने के योग्य नहीं माने जाएंगे।
जमुई नगर परिषद के 30 वार्डो में नप अध्यक्ष सहित चार पार्षद ऐसे हैं जिन्हें चार अप्रैल 2008 के बाद तीसरी संतान हुई है। वार्ड नम्बर 18 की पार्षद नुरैशा खातून वर्तमान में अध्यक्ष भी हैं। वार्ड नम्बर 23 की पार्षद वीणा भारती को एक लड़की एवं दो लड़का है। सबसे छोटे लड़के की उम्र लगभग तीन वर्ष है। ऐसे में निर्वाचन आयोग का कानून चुनाव लड़ने में रोड़ा डाल दिया है। वार्ड नम्बर 24 की पार्षद सविता गुप्ता को भी एक लड़की एवं दो लड़का है। छोटे लड़के का जन्म निर्धारित तिथि के बाद का है। वार्ड नम्बर 28 की पार्षद आयशा खातून को पांच लड़की एवं एक लड़का है। सबसे छोटी बेटी की उम्र महज 8 दिन है। निर्वाचन आयोग के कानून के अनुसार ये चारो चुनाव नहीं लड़ पाएंगी।
इतना के बावजूद तीसरी संतान वाले पुरुष या महिला चुनाव लड़कर जीत भी जाते हैं तो बाद में उनकी कुर्सी चली जाएगी। दो से अधिक संतान होने के कारण बोध गया की पार्षद कांति देवी कुर्सी खो चुकी है।
क्या कहते हैं पार्षद
वार्ड नम्बर 23 की पार्षद वीणा भारती का कहना है कि हमें जुड़वा बच्चा हुआ था। दोनों की उम्र चार वर्ष से अधिक है। इसलिए हम कानून के दायरे में नहीं है। वार्ड नम्बर 24 की पार्षद सविता गुप्ता कहती हैं कि मेरे छोटे-बेटे कृष की उम्र चार वर्ष से अधिक है इसलिए कानून हम पर लागू नहीं होगा। नप अध्यक्ष नुरेशा खातून कहती हैं कि यह कानून 1996 से चर्चा में है। मार्गदर्शिका आने के बाद जैसा होगा देखा जाएगा। परेशानी होगी तो कोर्ट का दरवाजा खट-खटाएंगे।
जमुई नगर परिषद के 30 वार्डो में नप अध्यक्ष सहित चार पार्षद ऐसे हैं जिन्हें चार अप्रैल 2008 के बाद तीसरी संतान हुई है। वार्ड नम्बर 18 की पार्षद नुरैशा खातून वर्तमान में अध्यक्ष भी हैं। वार्ड नम्बर 23 की पार्षद वीणा भारती को एक लड़की एवं दो लड़का है। सबसे छोटे लड़के की उम्र लगभग तीन वर्ष है। ऐसे में निर्वाचन आयोग का कानून चुनाव लड़ने में रोड़ा डाल दिया है। वार्ड नम्बर 24 की पार्षद सविता गुप्ता को भी एक लड़की एवं दो लड़का है। छोटे लड़के का जन्म निर्धारित तिथि के बाद का है। वार्ड नम्बर 28 की पार्षद आयशा खातून को पांच लड़की एवं एक लड़का है। सबसे छोटी बेटी की उम्र महज 8 दिन है। निर्वाचन आयोग के कानून के अनुसार ये चारो चुनाव नहीं लड़ पाएंगी।
इतना के बावजूद तीसरी संतान वाले पुरुष या महिला चुनाव लड़कर जीत भी जाते हैं तो बाद में उनकी कुर्सी चली जाएगी। दो से अधिक संतान होने के कारण बोध गया की पार्षद कांति देवी कुर्सी खो चुकी है।
क्या कहते हैं पार्षद
वार्ड नम्बर 23 की पार्षद वीणा भारती का कहना है कि हमें जुड़वा बच्चा हुआ था। दोनों की उम्र चार वर्ष से अधिक है। इसलिए हम कानून के दायरे में नहीं है। वार्ड नम्बर 24 की पार्षद सविता गुप्ता कहती हैं कि मेरे छोटे-बेटे कृष की उम्र चार वर्ष से अधिक है इसलिए कानून हम पर लागू नहीं होगा। नप अध्यक्ष नुरेशा खातून कहती हैं कि यह कानून 1996 से चर्चा में है। मार्गदर्शिका आने के बाद जैसा होगा देखा जाएगा। परेशानी होगी तो कोर्ट का दरवाजा खट-खटाएंगे।
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