जमुई, जागरण प्रतिनिधि : धान अधिप्राप्ति में तेजी लाने के उद्देश्य से मंगलवार को स्थानीय अशोक नगर भवन में बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता जिलाधिकारी मयंक वरबड़े ने की। बैठक में पैक्स अध्यक्ष, क्रय केन्द्र प्रभारी, कार्यपालक सहायक व प्रखंड स्तरीय पर्यवेक्षकों ने भाग लिया। इस मौके पर जिलाधिकारी श्री वरबड़े ने कहा कि रोजमर्रा की जिन्दगी में जिस प्रकार अनुभवों का उपयोग कर कार्यो का निष्पादन किया जाता है। उसी प्रकार पैक्स अनुभवों के आधार पर धान की अधिप्राप्ति करें। जिलाधिकारी धान में नमी को लेकर अधिप्राप्ति में अड़चन के मामले पर बोल रहे थे। उन्होंने बताया कि जिले के 65 पैक्स धान क्रय में कारगर हैं। अन्य पैक्सों की स्थिति संतोषप्रद नहीं है। उन्होंने वैसे पैक्स अध्यक्षों से कठिनाइयों की जानकारी भी ली। इस मौके पर अपर समाहर्ता अजय कुमार सिंह ने सरकार के निर्देश का हवाला देते हुए बताया कि कठिनाईयों के मद्देनजर अब किसान पैक्स के अलावे प्रखंड स्तर पर एसएफसी के गोदाम में भी धान बेच सकते हैं। उन्होंने बताया कि सेवा यात्रा के अंतिम दौर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा इसकी घोषणा की गई है। साथ ही विभाग द्वारा भी निर्देश प्राप्त हुए हैं। अपर समाहर्ता ने कहा कि पैक्स अध्यक्ष विभागीय पदाधिकारियों से समन्वय स्थापित कर धान अधिप्राप्ति में तेजी लाएं ताकि निर्धारित समयावधि में लक्ष्य के मुताबिक धान की अधिप्राप्ति की जा सके। बैठक में उपविकास आयुक्त गिरिजेश प्रसाद श्रीवास्तव, जिला आपूर्ति पदाधिकारी विश्वनाथ चौधरी, वरीय उपसमाहर्ता राजीव श्रीवास्तव, एनडीसी भुपेन्द्र प्रसाद यादव, परिवहन पदाधिकारी दिवाकर झा, सहकारिता पदाधिकारी के अलावे राच्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक विजय कुमार सिंह ने भाग लिया।
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बोंगी पैक्स पर मामला अटका
जमुई : धान अधिप्राप्ति में पेचिदा नियमों की गुत्थी अब तक सुलझ नहीं पाई है। सरकारी नियमों के अनुरुप धान अधिप्राप्ति में कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिसे लेकर जिला प्रशासन की उलझने बढ़ जाती है। जिले के चकाई प्रखंड अंतर्गत बोंगी पैक्स इसका ताजा उदाहरण है। बोंगी के पैक्स अध्यक्ष विनोद पंडित ने बैठक में 50 किमी दूरी तय कर एसएफसी गोदाम तक धान पहुंचाने में किराए देय की बात उठाई तो मामला उलझ गया। श्री पंडित ने बताया कि बोंगी पैक्स से चकाई मुख्यालय की दूरी 50 किमी है लिहाजा पैक्स को अतिरिक्त किराया देना होगा। इसी कारण से धान क्रय नहीं की जा रही है। इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया। मामला उस वक्त और उलझ गया जब पैक्स अध्यक्ष ने बोंगी पंचायत के किसानों की जमीन झारखंड राच्य में होने की बात उठाई। जिला प्रशासन ने वैसे किसानों के धान अधिप्राप्ति नहीं करने का साफ निर्देश दिया। बहरहाल जमुई जिले के किसान होने के बाद भी बोंगी के दर्जनों किसान पैक्स में धान नहीं बेच पाएंगे।
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बोंगी पैक्स पर मामला अटका
जमुई : धान अधिप्राप्ति में पेचिदा नियमों की गुत्थी अब तक सुलझ नहीं पाई है। सरकारी नियमों के अनुरुप धान अधिप्राप्ति में कई ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिसे लेकर जिला प्रशासन की उलझने बढ़ जाती है। जिले के चकाई प्रखंड अंतर्गत बोंगी पैक्स इसका ताजा उदाहरण है। बोंगी के पैक्स अध्यक्ष विनोद पंडित ने बैठक में 50 किमी दूरी तय कर एसएफसी गोदाम तक धान पहुंचाने में किराए देय की बात उठाई तो मामला उलझ गया। श्री पंडित ने बताया कि बोंगी पैक्स से चकाई मुख्यालय की दूरी 50 किमी है लिहाजा पैक्स को अतिरिक्त किराया देना होगा। इसी कारण से धान क्रय नहीं की जा रही है। इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया। मामला उस वक्त और उलझ गया जब पैक्स अध्यक्ष ने बोंगी पंचायत के किसानों की जमीन झारखंड राच्य में होने की बात उठाई। जिला प्रशासन ने वैसे किसानों के धान अधिप्राप्ति नहीं करने का साफ निर्देश दिया। बहरहाल जमुई जिले के किसान होने के बाद भी बोंगी के दर्जनों किसान पैक्स में धान नहीं बेच पाएंगे।
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