Monday, 21 May 2012

लाठी पर टिकी है यात्रियों की सुरक्षा


19 मई को बसुआचक हाल्ट पर कुछ उपद्रवियों ने पाटलीपुत्रा एक्सप्रेस पर पथराव किया और वातानुकूलित शयनयान के शीशे तोड़ डाले। यह तो एक बानगी है। किउल-झाझा रेलखंड असामाजिक तत्वों, अपराधिक व नक्सली घटनाओं के लेकर सुर्खियों में रहा है। झाझा रेल थाना की माने तो अपराधियों एवं उपद्रवियों ने कई बार विभिन्न ट्रेनों को निशाने पर लिया है। लेकिन विडंबना ऐसी है कि झाझा-किउल रेलखंड की लगभग 55 किमी की सफर में यात्रियों की सुरक्षा लाठी के सहारे होती है। हालांकि यह रेल मार्ग नक्सल प्रभावित जंगलों के बीच से भी गुजरती है।
झाझा-जमुई-किउल रेलखंड पर तकरीबन 45 जोड़ी ट्रेन गुजरती है। झाझा रेल थाना अंतर्गत इस रेलखंड पर सुरक्षा का जायजा लें तो अधिकांश ट्रेनों में गश्ती दल चलती तो है पर लाठीधारी जवानों पर टिकी है सुरक्षा व्यवस्था। झाझा रेल थाना में 200 सशस्त्र व लाठीधारी जवान हैं। गश्ती में दो सशस्त्र बलों के साथ आधा दर्जन लाठी धारी को लगाया जाता है। ऐसे में जहां यह रेलखंड अपराधी व नक्सली के निशाने पर रहा है। वैसे में दो सशस्त्र बल व लाठीधारी से कैसी सुरक्षा की उम्मीद लगायी जा सकती है। जबकि 45 जोड़ी टेनों में कुछ मुख्य टेन पूर्वा एक्सप्रेस, हिमगीरी एक्सप्रेस, पंजाब मेल, अकाल तख्त एक्सप्रेस शामिल हैं।
कहते है पदाधिकारी
झाझा रेल जीआरपी थाना के प्रभारी शशि भूषण चौधरी बताते हैं कि सभी रात्रि के टेनों में गश्ती उपलब्ध है। गश्ती में शस्त्रधारी के साथ लाठी धारी को लगाया जाता है। इसके साथ ही दिन के ट्रेनों में भी औचक गश्ती लगाया जाता है।
कुछ मुख्य घटित घटनाएं
12 फरवरी 2010 -किउल -मननपुर के बीच ट्रेन में लूटपाट
6 अगस्त 2010 -कुंदर हाल्ट पर लालकिला एक्सप्रेस में डकैती, एक घायल
21 अगस्त 2010-मननपुर रेलवे स्टेशन के समीप लूटपाट
21 अगस्त 2010 -बंशीपुर रेलवे स्टेशन के समीप लूटपाट
17 नवम्बर 2010 बंशीपुर रेलवे स्टेशन के नजदीक लूटपाट
24 मार्च 2012 दादपुर स्टेशन समीप गंगासागर एक्सप्रेस में लूटपाट
20 मार्च 2012 दादपुर रेलवे हाल्ट के केबिन में लूटपाट

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