Monday, 28 May 2012

माओवादी घटना में मारे गए लोगों को मिलेगा अनुदान


माओवादी घटना में अपराधी चरित्र वाले मारे गए लोगों के आश्रितों को भी अनुदान मिलने का रास्ता साफ हो गया है। गृह विभाग ने नियम में संशोधन करते हुए पत्र जारी किया है कि 20 दिसम्बर 2010 के बाद माओवादी घटना में अगर कोई अपराधी चरित्र वाला व्यक्ति मारा गया है तो उसके आश्रितों को एक लाख का अनुदान मिलेगा, बशर्ते उसका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं हो। इस निर्णय से फिलहाल जमुई के सिमुलतला की तीन बेवाओं को लाभ मिलना तय है। यहां बता दें कि 30 दिसम्बर 2011 की रात को माओवादियों ने सिमुलतला थाना के पिपरा-कनौदी (महुआटिल्हा) गांव में हमला बोलकर एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसमें मुमताज अंसारी, फखरूउद्दीन अंसारी व शमीम अंसारी शामिल थे। इसके अलावे गांव के ही मंसूर अंसारी, कल्लू अंसारी, शहादत अंसारी व कासिम अंसारी का अपहरण कर लिया था। दूसरे दिन इन चारों की गला रेतकर हत्या कर दी। इन चार ग्रामीणों में मंसूर, कल्लू व शहादत पर कई आपराधिक मामले सिमुलतला थाना में दर्ज हैं। पहले के नियमानुसार घटना में मारे गए सात में से चार के आश्रितों को तो एक-एक लाख अनुदान मिल गया परंतु तीन परिवार के आश्रित इससे वंचित रह गए। लेकिन गृह विभाग द्वारा नियम में संशोधन के बाद महुआ टिल्हा के मंसूर अंसारी की बेवा तब्बसूम, कल्लू अंसारी की बेवा शहजादी बीबी एवं श्हादत अंसारी की बेवा नैतुन बीबी को एक-एक लाख अनुदान मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार के इस निर्णय का सुन्नी उल्मा बोर्ड के मौलाना जियाउल रसूल गफ्फारी ने सराहना की है। इसके अलावे चकाई थाना के नौआडीह पंचायत के उदयपुर गांव के कमल मरांडी 2011 में बांका के चानन थाना में मारा गया था। जनवरी 2012 में सहदेव यादव की हत्या नक्सलियों ने गला रेतकर कर दी थी। पहले सहदेव भी नक्सलियों के लिए काम करता था और इसके खिलाफ भी कई मामले दर्ज थे। इन दोनो की विधवा बड़की मुर्म एवं सोहनी देवी को भी अनुदान मिलने की आस जगी है।
क्या कहते हैं एसपी
आरक्षी अधीक्षक उपेन्द्र प्रसाद शर्मा ने कहा कि जमुई में मेरी जानकारी में अभी तक सिमुलतला के तीन आश्रित हैं। उन्हें अनुदान जरूर मिलेगा। इसके अलावे सरकार के स्तर से जो निर्णय होगा उन्हें भी अनुदान मिलेगा।

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