पेयजल समस्याओं से ग्रसित गांवों में टैंकर से पेयजल उपलब्ध कराने की योजना लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की संचिकाओं में ही सिमट कर रह गई। परिणामत: गत वर्ष और इस वर्ष भी पेयजल की समस्याओं से ग्रसित गांव में पीएचईडी द्वारा टैंकर से पेयजल नहीं उपलब्ध कराया जा सका। इन गांव के लोग कुआं व नाले का दूषित पानी पीने को विवश रहे या फिर एक से दो किमी की दूरी से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते रहे। अलबत्ता यह दीगर की बात है कि पेयजल की समस्या से ग्रसित गांव का चयन भी किसी सही मानक के अनुसार नहीं किया गया और चयनित गांव की सूची भी त्रुटिपूर्ण रही। चयन के क्रम में विभिन्न प्रखंडों के कई गांव जो ज्यादा पेयजल की समस्या से ग्रसित थे, छुट गए। विभाग की मानें तो उन गांवों का चयन किया गया जहां चापाकल सफलतापूर्वक नहीं गाड़े जा सकते हैं।
2012-13 में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए चयनित गांव
वित्तीय वर्ष 2012-13 में सिकन्दरा प्रखंड के मंजोष, लोअर जलाय, अलीगंज प्रखंड के कोड़बाडीह और लक्ष्मीपुर, खैरा प्रखंड के सोगरा, झाझा प्रखंड सिमरासोत, लक्ष्मीपुर प्रखंड के पथलघटटा, बरहट प्रखंड के गुरमाहा और चकाई प्रखंड के एकतरा गांव का चयन पीएचईडी द्वारा किया गया। इन गांव में टैंकर और सिनटैक्स की टंकी के द्वारा पेयजल उपलब्ध कराना था।
2011-12 में चयनित गांव
वित्तीय वर्ष 2011-12 में जमुई प्रखंड के मंझवे, सिकन्दरा के मंजोष और जाजर, अलीगंज के कोड़वाडीह और लक्ष्मीपुर के पथलघटटा, बरहट के गुरमाहा, डाढ़ा मुसहरी और लखय मुसहरी तथा चकाई के एकतरा गांव का चयन किया गया।
इन गांव में टैंकर से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बकायदा एक्शन प्लान बनाया गया परंतु दो वर्ष बीत जाने के बाद भी यह संचिकाओं में सिमटा ही और लोगों की आशा निराशा में बदल गई। दूसरी ओर खैरा प्रखंड का गोली, अमकोली, केरबातरी, बरहट प्रखंड का पैसराहा, चोरमारा, भुदानपुरी, मलयपुर सहित जिले के दर्जनों गांव ऐसे हैं जो चयनित गांव से ज्यादा पेयजल की समस्या से ग्रसित हैं। इन गांव का चयन भी नहीं किया गया।
कार्यपालक अभियंता ने कहा
पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता केएल बैठा का कहना है कि सुखाड़ प्रभावित क्षेत्रों के पेयजल की समस्या से ग्रसित गांव में टांसपोटेशन कर पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए एक्शन प्लान बनाकर विभाग को भेजा गया परंतु इसकी स्वीकृति नहीं मिली। इस कारण इन गांव में पेयजल टैंकर से उपलब्ध नहीं कराया जा सका। 2012-13 का भी एक्शन प्लान भेजा गया है परंतु अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि हालांकि इन गांव में चापाकल गाड़ दिया गया और वहां अब टैंकर से पेयजल उपलब्ध कराने की नौबत नहीं है।
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