रविवार को स्थानीय स्टेशन क्लब में बिहार स्टेट बीड़ी मजदूर यूनियन का राज्य सम्मेलन रानी किरण की अध्यक्षता में संपन्न हुई। सम्मेलन का उद्घाटन पूर्व विधान पार्षद डॉ. रविन्द्र यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर श्री यादव ने कहा कि झाझा जैसे पिछड़े इलाके के प्रत्येक घरों में बीड़ी बनता है और कई परिवार इसी पर आश्रित हैं। लेकिन केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं का लाभ इनलोगों को नहीं मिल पा रहा है। यूनियन के महामंत्री शिवशंकर सिंह ने अपना लिखित प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कहा कि यूनियन लंबे समय से विपरीत परिस्थिति में संघर्ष करता रहा है और कार्यकर्ताओं की कुर्बानी के फलस्वरुप पूरे राज्य में 207350 बीड़ी मजदूरों को पहचान पत्र दिलाने में कामयाब हुआ। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति मद एवं जीवन बीमा मद में सरकार की ओर से राशि आवंटित की गई है परंतु उसका वितरण नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि आज भी अधिकांश बीड़ी मजदूर पहचान पत्र से वंचित हैं। जब तक बीड़ी मजदूरों की मांगे पूरी नहीं होगी तब तक बिहार स्टेट बीड़ी मजदूर यूनियन संघर्ष करती रहेगी। इस मौके पर लखी देवी, शंभूनाथ पांडेय, नुनदेव मांझी, शैलेन्द्र कुमार तिवारी, राजेश्वर पांडेय, अभिउल्लाह, सिद्धिानाथ प्रसाद, शंकर साह आदि ने भी अपनी-अपनी बातें रखी।
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कमेटी का गठन
झाझा : बिहार स्टेट बीड़ी मजदूर यूनियन के सम्मेलन में एक कमेटी का गठन किया गया। सम्मेलन में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से अध्यक्ष राजेश्वर पांडेय, महामंत्री शिवशंकर सिंह, उपाध्यक्ष गुड़िया देवी, सिद्धिनाथ प्रसाद एवं मो. शेहराब, संयुक्त मंत्री रानी किरण, अभिउल्लाह अंसारी एवं जुल्मीकार अली तथा कोषाध्यक्ष शंकर साह के अलावे जमुई जिला शाखा के लिए अध्यक्ष मुकेश मांझी, मंत्री मो. सुभान, कोषाध्यक्ष उमेश साव, उपाध्यक्ष रामरुप तूरी, बेबी खातून एवं मिथिलेश सिंह तथा संयुक्त मंत्री शीला देवी, शंकर मंडल, उर्मिला देवी का चयन किया गया।
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