Friday, 2 March 2012

अधिकार के साथ कर्तव्य भी जरुरी : अर्चना

सरौन, निज प्रतिनिधि : मानस पठनीय ही नहीं अनुकरणीय भी है। यह एक विद्वत्वपूर्ण सामाजिक विज्ञान है। उक्त बातें भागलपुर से आईं मानस कोकिला अर्चना कुमारी ने मरही गांव में एकादशी उद्यापन के अवसर पर आहूत महायज्ञ में भक्तजनों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने रामायण में माता, पिता, गुरु, शिष्य, राजा, प्रजा अधिकार के साथ-साथ कर्तव्य की भी बातें बताई है। अधिकार के साथ कर्तव्य नहीं किए जाने से ही आज समाज में अराजकता, विषमता, भ्रष्टाचार बढ़ा है। उन्होंने कहा कि खान पान से हमारे चरित्र पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। खान-पान से विचार व्यवहार, चरित्र एवं व्यक्तित्व का निर्माण होता है ।

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